पति की हत्या करने वाली ग्रेजुएट पत्नी को उम्रकैद:रील्स बनाने से रोकता था अनपढ़ हसबैंड; मुस्लिम बॉयफ्रेंड संग मिलकर दुपट्टे से घोंटा था गला
बेगूसराय में अनपढ़ पति की हत्या करने वाली ग्रेजुएट पत्नी और उसके मुस्लिम बॉयफ्रेंड को मंझौल कोर्ट ने गुरुवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। मंझौल कोर्ट के एडीजे संजय कुमार सिंह ने दोनों को आजीवन कारावास के साथ 20-20 हजार जुर्माना भी किया है। वारदात 7 जनवरी 2024 को खोदाबंदपुर थाना क्षेत्र के फफौत गांव में हुई थी। मृतक महेश्वर राय (25) समस्तीपुर के विभूतिपुर थाना क्षेत्र के नरहन गांव का रहने वाला था। अपर लोक अभियोजक राकेश कुमार ने बताया कि कोर्ट ने खोदाबंदपुर थाना क्षेत्र के फफौत गांव की रहने वाली रानी कुमारी उर्फ रानी राज एवं समस्तीपुर जिला के विभूतिपुर थाना क्षेत्र के नरहन गांव के रहने वाले प्रेमी मो. शहजाद को धारा- 302/34 में आजीवन कारावास और 20-20 हजार रुपए जुर्माना किया है। इसके साथ ही धारा- 302/120 (बी) में भी आजीवन कारावास एवं 20-20 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई गई है। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेगी। जुर्माना नहीं अदा करने पर एक-एक साल अतिरिक्त कारावास की सजा होगी। मृतक के पिता रामप्रवेश राय ने कोर्ट के निर्णय पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा है कि न्यायालय से उन्हें इंसाफ मिला है। पहले दोषी रानी कुमारी की 2 तस्वीरें देखिए अब सिलसिलेवार तरीके से जानिए पूरा मामला क्या था? नरहन के रहने वाले राम प्रवेश राय ने अपने छोटे बेटे महेश्वर राय की हत्या के मामले में अपनी बहू रानी कुमारी, उसके प्रेमी मो. सज्जाद, रानी कुमारी की मां सुनीता देवी, बहन रोजी कुमारी और सोनाली कुमारी पर साजिश के तहत हत्या का आरोप लगाया था। इस मामले में खोदाबंदपुर थाना में पांचों लोगों पर प्राथमिकी दर्ज कराई थी। हालांकि, जांच में रानी की मां और दोनों बहनों के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला, जिसके बाद पुलिस ने मृतक की पत्नी और उसके प्रेमी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल किया था। FIR के अनुसार, राम प्रवेश राय ने महेश्वर राय की शादी साल 2017 में रानी कुमारी से कराई थी। दोनों का 5 साल (अब 7 साल) का एक बेटा सुशांत है। बच्चा होने के बाद से ही रानी अपने ससुराल नहीं आना चाहती थी। राम प्रवेश के मुताबिक, रानी अक्सर सोशल मीडिया पर एक्टिव रहती थी। वो इंस्टाग्राम के साथ-साथ अन्य प्लेटफॉर्म्स पर वीडियो अपलोड करती थी। वीडियो बनाने और पोस्ट करने को लेकर महेश्वर रानी को मना करता था, जिसकी वजह से दोनों में अक्सर झगड़ा होता था। पति के विरोध के बावजूद रानी वीडियो बनाकर उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट करती थी। कोलकाता लौटने से पहले पत्नी के बुलाने पर ससुराल गया था महेश्वर मृतक के पिता के मुताबिक, महेश्वर को इस बात की जानकारी थी कि रानी का किसी लड़के से अवैध संबंध है। इस बात को लेकर भी महेश्वर रानी पर गुस्सा करता था, लेकिन रानी अपने पति की बातों को दरकिनार कर प्रेमी से लगातार बात करती थी। उन्होंने बताया कि वारदात 7 जनवरी को हुई थी, मेरा बेटा तीन दिन बाद यानी 10 जनवरी को कोलकाता मजदूरी के लिए लौटने वाला था। कोलकाता जाने से पहले महेश्वर अपनी पत्नी रानी के बुलाने पर अपने ससुराल पहुंच गया। रात करीब 10 बजे खाना खाने के बाद महेश्वर जब सो गया तो रानी ने अपने प्रेमी शहजाद को बुलाकर अपने दुपट्टे से गला घोंटकर पति की हत्या कर दी। वारदात के आधे घंटे बाद महेश्वर के भाई ने किया था कॉल वारदात के आधे घंटे बाद यानी करीब 10:30 बजे कोलकाता में रह रहे महेश्वर के भाई रुदल ने उसे कॉल किया। फोन किसी दूसरे ने रिसीव किया। रुदल ने फोन में हंगामे की आवाज सुनी। इसके बाद रुदल ने अपने पिता को कॉल कर इसकी जानकारी दी और कहा कि आप तत्काल भाभी के घर फकौत गांव पहुंचिए। राम प्रवेश के मुताबिक, रुदल के कहने पर मैं रात को कुछ परिजन के साथ बहू के घर पहुंचा तो देखा कि मेरे बेटे के ससुराल के सभी सदस्य फरार हैं। बाहर बेटे की लाश पड़ी है। उन्होंने कहा कि इतने में चार-पांच लड़के आकर बोले कि हम अस्पताल ले जा रहे हैं, लेकिन वह लाश को ठिकाने लगा देते, इस कारण हमने उनको रोक कर पुलिस को फोन किया। जांच में पता चला कि रानी ने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या की है बेगूसराय के तत्कालीन SP योगेंद्र कुमार ने बताया था कि 7 जनवरी की रात सूचना मिली कि फफौत गांव में समस्तीपुर जिले के विभूतिपुर थाना क्षेत्र स्थित नरहन निवासी राम प्रवेश राय के बेटे महेश्वर राय (25) की हत्या कर दी गई है। सूचना मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया और अनुसंधान में जुट गई। छानबीन में पता चला कि महेश्वर की हत्या उसकी पत्नी रानी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर की थी। उन्होंने ये भी बताया था कि चूंकि रानी ग्रेजुएट थी, जबकि उसका पति अनपढ़ था और मजदूरी करता था। इसी वजह से दोनों के बीच झगड़े होते थे। 7 लोगों की कराई गई गवाही हत्या के इस मामले में अपर लोक अभियोजक राकेश कुमार की ओर से सूचक, डॉक्टर एवं अनुसंधान पदाधिकारी सहित 7 गवाहों की गवाही कराई गई। सभी गवाहों ने तब आरोपियों के खिलाफ बयान दिया। इसके बाद एडीजे मंझौल संजय कुमार सिंह की अदालत ने 25 मार्च को प्रेमी के साथ मिलकर साजिश के तहत पति की हत्या में दोनों को दोषी करार दिया।
