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अनंत सिंह का महादंगल-ईरान के पहलवान से भिड़ेंगे 5 खिलाड़ी:विजेता को 51 लाख कैश-चांदी की गदा मिलेगी; अखाड़े में घूमकर कुश्ती देख रहे बाहुबली

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मोकामा से जेडीयू विधायक अनंत सिंह की ओर से नदवां गांव में आज यानी शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय महादंगल का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन बाहुबली विवेका पहलवान की पुण्यतिथि पर किया जा रहा है। विजेता पहलवान को 51 लाख रुपए और एक चांदी की गदा इनाम में दिया जाएगा। अनंत सिंह दंगल देखने के लिए पहुंच गए हैं। उनके साथ उनके छोटे बेटे अभिनव सिंह भी मौजूद हैं। अनंत सिंह ने सिर पर साफा बांध रखा है। अखाड़े में कुश्ती शुरू हो चुकी है। लोगों का कहना है कि वो कुश्ती नहीं अनंत सिंह को देखने आए हैं। अनंत सिंह अखाड़े के चारो तरफ घूमकर कुश्ती देख रहे हैं। अनंत सिंह का दावा है कि महादंगल में बड़ी संख्या में लोग पहुंचेंगे। फिलहाल ग्राउंड में दस हजार के करीब लोग मौजूद है। बाहर से आए दर्शकों के लिए भोज का भी इंतजाम किया गया है। महादंगल देखने बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी भी पहुंचेंगे। साथ ही मुख्यमंत्री नीतीश, उनके बेटे निशांत समेत कई नेता, विधायक और मंत्रियों को निमंत्रण दिया गया है। देश-विदेश से पहुंचे पहलवान महादंगल में भारत के कई राज्यों के अलावा विदेशों से भी पहलवान हिस्सा ले रहे हैं। ईरान के हामिद, इरफान और जलाल जैसे नामी पहलवान यहां पहुंच चुके हैं। वहीं, जॉर्जिया से टेड्डू पहलवान के आने की भी चर्चा है। इसके अलावा दिल्ली, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के कई चर्चित पहलवान भी इस दंगल में कुश्ती लड़ेंगे। अब देखें पहलवानों की तस्वीरें… जेल से बाहर आने के बाद पहला बड़ा आयोजन यह पूरा आयोजन अनंत सिंह की देखरेख में हो रहा है। दुलारचंद यादव हत्याकांड में पटना हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद वे पिछले सप्ताह ही बेऊर जेल से बाहर आए हैं। जेल से बाहर आने के बाद यह उनका पहला बड़ा सार्वजनिक आयोजन माना जा रहा है, इसलिए इसकी चर्चा और भी ज्यादा हो रही है। अनंत सिंह खुद तैयारियों का जायजा लेते नजर आए हैं।। विवेका पहलवान की याद में आयोजन दंगल की दुनिया में विवेका पहलवान, जिनका असली नाम विवेक सिंह था, एक बड़ा नाम रहे हैं। वह बिहार केसरी का खिताब जीत चुके थे और अपनी सख्त दिनचर्या के लिए जाने जाते थे। उनके भाई अरविंद पहलवान के मुताबिक, विवेका रोजाना करीब 5 लीटर दूध पीते थे। उनकी डाइट में बादाम का हलवा, शरबत शामिल रहता था। वे रोज हजारों दंड-बैठक लगाते थे और करीब 10 किलोमीटर दौड़ते थे। उनकी इसी मेहनत ने उन्हें बड़ा पहलवान बनाया। अनंत सिंह और विवेका के बीच रहा संघर्ष एक समय ऐसा भी था, जब अनंत सिंह और विवेका पहलवान के बीच वर्चस्व को लेकर खूनी संघर्ष हुआ करता था। मोकामा और बाढ़ के टाल इलाके में दोनों का दबदबा था। करीब ढाई-तीन दशक तक चले गैंगवार में दोनों पक्षों के कई लोग मारे गए। साल 2009 में विवेका पहलवान की ओर से अनंत सिंह के घर पर हमला हुआ था, जिसमें अनंत सिंह को गोली लगी थी, हालांकि उनकी जान बच गई थी। बताया जाता है कि दोनों गोतिया भाई थे, लेकिन समय के साथ उनकी दुश्मनी खत्म हो गई और रिश्ते सामान्य हो गए थे। 2 अप्रैल 2025 को दिल का दौरा पड़ने से विवेका पहलवान की मौत हो गई थी। उनके निधन पर अनंत सिंह ने भी शोक जताया था। अब उनकी पुण्यतिथि पर यह महादंगल आयोजित किया जा रहा है। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम प्रशासन की ओर से पुलिस बल की तैनाती की जा रही है। इसके अलावा निजी बॉडीगार्ड और अनंत सिंह के सुरक्षा कर्मी भी मौके पर मौजूद रहेंगे। एंट्री प्वाइंट्स पर निगरानी और भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। दंगल में आने वाले सभी लोगों के लिए खाने-पीने का इंतजाम किया गया है। बड़े स्तर पर भंडारे की व्यवस्था की गई है, ताकि कोई भी व्यक्ति भूखा न रहे। गर्मी से राहत के इंतजाम अप्रैल की बढ़ती गर्मी को देखते हुए आयोजन स्थल पर टेंट और शेड लगाए गए हैं। पानी की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। जगह-जगह छिड़काव कराया जा रहा है, ताकि लोगों को गर्मी से राहत मिल सके। साथ ही प्राथमिक चिकित्सा की सुविधा भी रखी गई है।